
भारत संपूर्ण विश्व में सबसे युवा देश है और यही युवा ही देश के अमूल्य संसाधन हैं|इतना युवा देश होने के बाद भी देश का विकास सही मायने में अवतरीत नहीं हो पा रहा है|अगर इन युवाओं को देश के विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है तो कहीं न कहीं सबसे पहले इनके खुद के विकास पर ध्यान देना होगा क्योंकि वैशाखी पर खड़ा इंसान किसी दूसरे को चलने का सहारा नहीं दे सकता है|युवा को वैशाखी से मुक्त करने में हमारे देश की शिक्षा पद्धति अहम अभिनय निभा सकती है|युवाओं को केवल ऎसे शिक्षा देने से देश का ज्यादा भला होने वाला नहीं है जिसमें वो पढ़कर डिग्री लेकर शिक्षित कहलाए और नौकरी लेने के चक्कर में अपनी इस युवा शक्ति को कई वर्षों तक बर्बाद करते रहे|अब ऎसा क्यों होता है कि नौकरी लेने में इतना समय क्यों लग जाता है |इसका कारण यह उभर कर सामने आया कि जो हमारे रोजगार देने के प्रणाली है बहुत ज्यादा जिम्मेदार नहीं हैं नौकरी देने में ये प्रणाली कई वर्ष लगा देती है जिसमे न सिर्फ इससे युवाओं का समय बर्बाद होता है बल्कि देश के विकास की प्रक्रिया भी लम्बी होती चली जाती है…?