
आतंकवाद_ आतंकवाद कोमा में पड़े बीमार व्यक्ति की तरह है जिसपर रोक थाम का कोई असर नहीं पड़ता है क्योंकि चीन जैसे देश पाकिस्तान के गर्भ में पल रहे अजहर महमूद, हाफिज सईद जैसे खतरनाक आतंकवादियों को बढ़ावा देने वाले लोग और देश शामिल हैं|आतंकवाद अपनी मौजूदगी किसी न किसी रूप में दिखाता रहा है आतंकवाद नामक फंगस ने श्रीलंका जैसे छोटे देश को भी नहीं बख्शा जो अपनी ही राजनीतिक उठापटक से त्रस्त है और अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा है|
श्रीलंका में हुये भीषण आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया है|तीन चर्च और इतने ही होटलों के साथ कुछ और स्थानों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले में तीन सौ से अधिक लोग मारे गए और उतने ही घायल हुए|यह एक सोची समझी चाल थी जिसे एक एक कर के अंजाम दिया गया अर्थात चर्च में ईस्टर की विशेष प्रार्थना के दौरान निशहाय लोगों पर हमला और अंतराष्ट्रीय पर्यतक से भरे रहनेवाले होटलो पर हमला| अखिरकार आतंकवाद का एक और क्रूरता भरा मनशूबा कामयाब रहा
श्रीलंका में हुये आतंकी हमले से देश को सबक सीखना चाहिए और भारत को खासकर, भारत को 1993 और 2008 का वह मनहूस काल भूलना नहीं चाहिए क्योंकि आतंकी भारत में आए दिन नापाक हरकत को अंजाम देने के फिराक में रहता है… 🚶♂️