ब्रिगेडियर आरपी सिंह ने अपने आलेख ‘कश्मीर में नए नेतृत्व की दरकार’ में कश्मीर के मुस्लिम नेता शेख अब्दुल्ला के प्रति आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आतिशय आत्मीयता से उपजी कश्मीर समस्या के लिए जिन तीन सियासी परिवारों नेहरू, अब्दुल्ला और मुप्ति को जिम्मेदार ठहराया है उसकी नब्ज को कमजोर करने का काम मोदी सरकार ने अपने प्रथम कार्यकाल में बखूबी किया है इससे देशवासियों में यह भरोसा कायम हुआ कि समस्याओं से ग्रस्त कश्मीर अब स्थायी समाधान की तरफ बढ़ रहा है|पाक पोसित आतंकवाद कश्मीर की ही नहीं अपितु पुरे देश की समस्या है जिस पर सैन्य आप्रेशन आलआउट के मदद से काफी हद तक काबू पा लिया गया है |बात बात पर परमाणु हमले की धमकी देने वाले पड़ोसी पाकिस्तान की हेकड़ी भी भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक ने ढीली कर दी है |इतना ही नहीं अमेरिका और रूस जैसे वैश्विक महाशक्तियो के साथ दुनिया के अन्य मुस्लिम देशों का कूटनीति समर्थन हासिल करके एक आतंक समर्थक देश के रुप में पाकिस्तान की पहचान कायम रखने में भी मोदी सरकार का अभूतपुर योगदान रहा है |जिसके परिणाम स्वरूप भारत को आँख दिखाने वाला पाकिस्तान अब खौफ में जिने को मजबूर हैं |
स्थायी समाधान
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