
कुछ दिनों से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में जो आपराधिक गतिविधियां हो रहे हैं वह आश्चर्यजनक है एक समय था जब इसे पूरब के ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले विश्वविद्यालय के छात्रावासों में आईएस व पीसीएस के लिए छात्र चयनित होते थे लेकिन दुर्भाग्यवश आज यही छात्रावास बम बनाने की फैक्ट्री बनती जा रही है कहते हैं कि गेहूं के साथ घुन भी पिसा जाता है आपराधिक प्रवृत्ति के छात्रों के चक्कर में कुछ मेधावी छात्रों का भी भविष्य अंधकार में चला जा रहा है तमाम छात्र परीक्षा देने से वंचित हो गए हैं ऐसे छात्रों के परिजन जिस आशा व उम्मीद के साथ अपने पल्यो का विश्वविद्यालय में दाखिला करवाया उस पर पानी फिरता नजर आ रहा है यही नहीं छात्रावास के अलावा शहर की कई मोहल्लों में किराए पर कमरा लेकर छात्र रहते हैं वहां आए दिन बवाल होता रहता है|छात्रों में लगातार बढ़ रही आवेश प्रवृति पर जल्द ही अगर काबू नहीं पाया गया तो पश्यातप के अलावा और कुछ नहीं बचेगा…?